राजेंद्र उनियाल, देहरादून News 61 गोल्डन कार्ड को लेकर सरकारी कर्मचारी व् पेंशनर्स अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहे हैं, सरकारी कर्मचारियों ने गोल्डन कार्ड के चक्कर में सरकार को अपनी तनख्वाह से रकम तक जमा करवा दी लेकिन जब उनका गोल्डन कार्ड बना तो उनका आयुष्मान कार्ड खत्म हो गया और गोल्डन कार्ड से भी इलाज हो पाए ये भी संभव नहीं हो पाया। ऐसे में आज कर्मचारी इलाज के लिए दरबदर भटक रहे हैं, कर्मचारी वर्ग स्वास्थ्य अधिकारी और स्वास्थ्य मंत्री से भी मिले और उन्होंने इस संबंध में बात की लेकिन स्वास्थ्य मंत्री ने भी माना कि इसमें कुछ खामियां हैं इसका समाधान किया जाएगा और बीच का रास्ता निकाला जाएगा,
स्वास्थ्य मंत्री ने भी देखा कि वास्तव में गोल्डन कार्ड से कर्मचारियों का इलाज नहीं हो पा रहा है वहीं जितने भी हॉस्पिटल हैं सब ने गोल्डन कार्ड से इलाज करने हेतु मना कर दिया है, अस्पतालों ने तर्क दिया है कि सरकार से उन्हें पैसा नहीं मिल रहा है, वहीं जबकि कर्मचारीयों का कहना है कि उनकी तनख्वाह से या जो रिटायर हो गए हैं कर्मचारी है उनका भी पैसा सरकारी कोष ममें कट रहा है।
वहीं धरातल पर हमने पाया कि कोई भी कर्मचारी अगर अपने इलाज के लिए हॉस्पिटल जाता है तो वह डॉक्टरों की डॉक्टरी में उलझ जाता है, डॉक्टर भी ऐसे ऐसे टेस्ट लिख देते हैं जिससे मरीज का कोई लेना-देना नहीं होता है वहीं कुछ कर्मचारी भी चाहते है कि उनके सारे टेस्ट हो जाए जिससे सरकार पर बहुत ज्यादा भार पड़ जाता है और दूसरे साधारण कर्मचारियों को इसका फायदा नहीं मिल पाता है,
सरकार को चाहिए की डॉक्टर से बात करके उनसे मीटिंग बुलाकर जिस उपचार के लिए मरीज आया है उसका ही उपचार करें फालतू की टेस्ट मत लिखें जैसी नसीहत डॉक्टरों को प्रदान करें,
पिछले दिनों कर्मचारी वर्ग स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत से मिले थे धन सिंह रावत ने कहा था कि इसकी व्यवस्था में कुछ बीच का रास्ता निकालेंगे ताकि कर्मचारियों को गोल्डन कार्ड का लाभ मिल सके, वहीं कर्मचारी वर्ग कह रहा है कि हमें ओपीडी में भी सुविधा नहीं मिले पा रही है जब इलाज ही उनका पूरा नहीं मिल रहा है और सारे बड़े-बड़े अस्पताल ने इलाज हेतु मना कर दिया है कि हम गोल्डन कार्ड से इलाज नहीं करेंगे तो सरकार हमारा आयुष्मान कार्ड क्यों नहीं जारी करती कम से कम हम अपना इलाज तो आयुष्मान से करवा पाते।
वहीं जब इस विषय पर हमारी बात सूचीबद्ध हॉस्पिटल प्रशासन से हुई तो उन्होंने नाम ना लिखे जाने की शर्त पर दो टूक कहा कि ही हमें सरकार से अभी तक पुराना पैसा नही मिला है और जबतक पुराना पैसा मिल नहीं जाता तबतक हम कुछ नहीं कर सकते।।
ब्रेकिंग न्यूज़ -
- गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट डीएम ने ली महत्वपूर्ण बैठक
- उत्तराखंड में नई शिक्षा नीति 2020 के तहत पहल, कक्षा तीन से पांच तक साल में 185 घंटे गणित पढ़ाना अनिवार्य
- देहरादून में एक और Toll Plaza पर टोल वसूली शुरू, स्थानीय लोगों के लिए इतने रुपयों मासिक पास की सुविधा
- देहरादून में एक और Toll Plaza पर टोल वसूली शुरू, स्थानीय लोगों के लिए इतने रुपयों मासिक पास की सुविधा
- देहरादून में एक और Toll Plaza पर टोल वसूली शुरू, स्थानीय लोगों के लिए इतने रुपयों मासिक पास की सुविधा
- देहरादून में एक और Toll Plaza पर टोल वसूली शुरू, स्थानीय लोगों के लिए इतने रुपयों मासिक पास की सुविधा
- देहरादून में एक और Toll Plaza पर टोल वसूली शुरू, स्थानीय लोगों के लिए इतने रुपयों मासिक पास की सुविधा
- देहरादून में एक और Toll Plaza पर टोल वसूली शुरू, स्थानीय लोगों के लिए इतने रुपयों मासिक पास की सुविधा
- देहरादून में एक और Toll Plaza पर टोल वसूली शुरू, स्थानीय लोगों के लिए इतने रुपयों मासिक पास की सुविधा
- देहरादून में एक और Toll Plaza पर टोल वसूली शुरू, स्थानीय लोगों के लिए इतने रुपयों मासिक पास की सुविधा
Thursday, January 15

