सीबीआई और ईडी जांच एजेंसियों की पकड़ ढीली पड़ते ही पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की पूरी अकड़ भी दिखने लगी है। पूरे कड़क अंदाज में उन्होंने मनमानीखेज खुलासा किया कि भाजपा ने खनन माफिया के पैसे से बैंक में 30 करोड़ की एफडी बनाई। डॉ. रावत का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
इस वीडियो में वह राज्य सरकार की खनन नीति पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। एक दिन पहले ही उन्होंने सीबीआई और ईडी की जांच में क्लीन चिट मिलने का दावा किया और उसके बाद उन्होंने कांग्रेस भवन में मीडिया कर्मियों के समक्ष ताबड़तोड़ भाजपा पर हमला बोला। वायरल वीडियो में डॉ. रावत कह रहे हैं, “मैं सच कहूं; भाजपा को चलाने के लिए 30 करोड़ की एफडी बनी है, मैंने भी उसमें एक करोड़ रुपये दिए हैं। मैं उस समय वन मंत्री था। मैंने भी खनन माफिया से लाकर पैसा दिया।”
“मेरे में भी दोष है, मैं तो कहता हूं मेरी भी जांच होनी चाहिए वह यहीं चुप नहीं होते।” वह कहते हैं, “30 करोड़ की एफडी में किस-किस ने पैसा दिया है, ईडी ईमानदारी से जांच कर ले तो, पूरी भाजपा जेल में होगी। मैं वन मंत्री था तो मैंने रामनगर और हल्द्वानी में जाकर खनन ठेकेदारों से कहा कि 10-10 लाख के चेक लाओ।” हरक कहते हैं कि भाजपा सरकार खनन पर अपना अंकुश ढीला रख रही है, लेकिन खनन पट्टों का आवंटन सही नहीं है।
उनका कहना है कि उद्यमसिंह नगर में खनन पट्टे बांटे जाने के नाम पर लूट मची है। आगे वह कहते हैं कि वह खनन के खिलाफ नहीं हैं। खनन होना चाहिए लेकिन तकनीकी तरीके से। आसमानी की बंदिशों को नुकसान नहीं होना चाहिए। उन्होंने खनन पट्टों के आवंटन की तुलना पूर्व सीएम डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक के समय में ऋषिकेश में की भूमि आवंटन से की। कहा कि खनन के पट्टों के आवंटन की ईडी जांच करे तो सरकार भी फंस जाएगी।

